मधुमेह में योग



योग अत्यन्त जरुरी मधुमेह में

योग के कुछ आसनों एवं प्राणायाम को रोज करना जहाँ स्वस्थ रहने कि कुँजी है, वहीं मेडिकल साइन्स ने भी इनके अभूतपूर्व लाभ कि पुष्टि करा दी है। वैज्ञानिक तौर पर किये गये शोधों ने बताया है कि कुछ खास आसनों के प्रभाव से पैनक्रियाज के बीटा सेल्स तक रक्तप्रवाह बढ जाता है, ज्यादा आक्सीजन कोशिकाओं को मिलता है और मॄतप्राय बीटा-सेल्स मे नयी उर्जा आती है ताकि वहां से जयादा इन्सुलीन स्त्रावित हो सके। शारीरिक श्रम के अभाव में इन्सुलीन के रिसेप्टर आलसी होकर सोये रहते हैं जिससे ग्लुकोज रक्त से कोशिकाओं में नहीं जा पाता । योग के आसनों से इन्सुलीन कि संवेदनशीलता बढ जाती है।
डायबिटीज के लिए जो महत्वपूर्ण आसन हैं उनको यहाँ बताया जा रहा है। इन हिदायतों को अवश्य ध्यान में रखें :-

  • हमेशा खाली पेट ही योग क्रिया करें।

  • यदि शाम में आसन या प्राणायाम करना हो तो करीब 4 घण्टे पहले से कुछ नहीं खाएँ।

  • ढीले, हलके, आरामदायक वस्त्र पहनें।

  • वायु यदि दुषित हो तो आसन ना करें।


योगासन या प्राणायाम हमेशा योग्य प्रशिक्षक से शिक्षा लेकर ही करें। चिकित्सक से भी आकलन करवा लें कि आपके लिए क्या उपयुक्त है।

आजकल आस्था चैनल में स्वामी रामदेव द्वारा दिखाए आसनों एवं प्राणायमों का पूरा देश में जोर है। कई लोग टी.वी. द्वारा ही योग सीखकर लाभान्वित हो रहें हैं। टी.वी द्वारा सीखकर योग करने में कोई हर्ज नहीं है, मगर एक बार अपने चिकित्सक से अपनी शारीरिक क्षमता का आकलन अवश्य करवा लें।

याद रखें, बिना सही ढंग से और अपर्याप्त समय तक किया गया योगासन और प्राणायम आपको वांक्षित लाभ नहीं देगा।

योगासन / प्राणायाम का पूरा लाभ मिले, इसके लिए

  • सही ढंग से करना जरुरी है

  • पर्याप्त समय तक करना जरुरी है।

  • इसे चन्द दिनों की चाँदनी न बनाइये।

  • जीवन पर्यन्त हमेशा करने की आदत डालिए

  • ध्यान एवं मत्रों के साथ पोजिटिव सोच से किया गया योगासन ज्यादा लाभकारी होगा।

  • सही सादा एवं शाकाहारी भोजन के साथ रहना उत्तम है।

 


मधुमेह नियंत्रण/ बचाव के लिए विशिष्ट योग-क्रियाएँ शुरु करें।

सूर्य नमस्कार

:

6 राउण्ड

ताड़ासन/त्रिकोणासन/पवनमुक्तासन/सर्वांगासन

:

2 से 3 मिनट

मत्सयासन

:

2 मिनट

गोमुखासन

:

2 मिनट

अर्धमत्यासेन्द्रासन

:

1 मिनट

धनुरासन

:

1 मिनट

मंडुकासन

:

5 बार

शशांकासन

:

5 मिनट तक

प्राणायाम

भ्रस्त्रिका

:

2 मिनट

कपाल भाति

:

10 मिनट

अनुलोम विलोम/नाड़ी शोधन

:

10 मिनट

भ्रामरी

5 बार

शवासन

:

5 से 10 मिनट

सप्ताह में रविवार को

लघुशंख प्रक्षालण/ नेती क्रिया/कुंजल क्रिया

आर. एस. एस. डी. आई द्वारा निर्देशित मधुमेह मरीज हेतु योगासन तालिका

क्र.सं.

आसन

चक्र

निर्देश

प्रार्थना

ओंकार 3 बार

1.

त्रिकोणासन

6

2.

कटिचक्रासन

6

3.

सूर्य नमस्कार

9

4.

अर्धमत्यासेन्द्रासन

5.

उत्तानपादासन

धीरे-धीरे

6.

पवन मुक्तासन

4

7.

सर्वांगासन

2 से 3 मिनट

8.

उड्डय्यान् बन्ध

4

9.

धनुरासन

6

10.

पाद चक्रासन

15+15

11.

सेतु बन्धासन

12.

गोमुखासन

13.

शशांकासन

14.

हलासन

15.

भ्रस्त्रिका

4

16.

कपाल भाति

5 से 10 मिनट

17.

अनुलोम विलोम

भ्रामरी

5 बार

5 से 10 मिनट

18.

ध्यान

20 मिनट

19.

शवासन

10 मिनट