मधुमेह में जाँच



कौन सी जाँच कब कराएँ?

यह एक गाइडलाईन है जो अमेरिकन डायबिटीज एशोसिएशन के मानकों पर आधारित है। व्यवहार में इन सभी जाँचों को शायद ही कोई मरीज कराता है। महीने में एक बार ब्लड सुगर, तीन महीने में एक बार ग्लायकोसालेटेड हिमोग्लोबीन एंव साल में पूरा डायबेटिक प्रोफाइल कराना काफी है।

वजन - हर मुलाकात में

रोज देखें - पेशाब में सुगर

डाइसटीक्स में रंग परिवर्तन द्वारा

ब्लू - (बिल्कुल नहीं)

हरा - (+)

पीला - (++)

रेड - (+++)

ब्रीकरेड - (++++)


सप्ताह में एक बार :

- बल्ड सुगर

- फास्टिंग

- डीनर के पहले

- लन्च के पहले

- पी. पी. सुगर


15 दिन में एक बार :

सिरम फ्रुक्टोसामाइन (आइडीयली)

तीन महीने में एक बार :

ग्लायकोसालेटेड हीमोग्लोबीन

छह महीने में एक बार :

लीपीड प्रोफाइल

माइक्रल टेस्ट


सालाना :

छाती का एक्स-रे

ई.सी.जी

आँखों की जाँच(फन्डोस्कोपी)


पैरों की जाँच

1 .मोनोफिलामेन्ट टेस्ट
2.बायोथेसियोमेटी
3 .वासकुलर डापलर
4.ए.बी. इन्डेक्स
5.पीडो-स्कैन
6.हीट-कोल्ड परसेप्शन टेस्ट