क्या करती हैं दवाइयाँ



उपलब्ध दवाइयाँ



(A) सल्फोनायलयूरियॉज:

इन दवाओं के असर से बीटा सेल्स उद्धीपित होता है और ज्यादा इन्सुलीन स्त्रावित करता है। अगर वीटा सेल्स पूर्णतः नष्ट हो गया हो तो इन दवाओं का कोई असर नहीं होता है।

फर्स्ट जेनेरेशन

Tolbutamide (Rastinon) रेस्टीनॉन

Chlorpropamide (Diabenese) डायबनीज

सेकेण्ड जेनेरेशन

Glibenclamide (डायनिल / इग्लुकॉन)

Glipizide (ग्लायनेज, ग्लुकोलीप, ग्लेज)

Gliclazide (ग्लायसीनारम, ग्लायसीगॉन, रेकलाइड )

Glmiperide (Amaryl) (अमॉरिल) (Glimiprex, Zoryl)


(B) बायगुवानाइड :

इस महत्वपूर्ण दवा का असर मुख्यतः पैनक्रियाज के बाहर होता है और यह ग्लुकोज को कोशिकाओं में घुसाने में सक्षम है। इस ग्रुप की फेनफारमिन दवा (Phenformin) जैसे डी.बी.आई. अब बैन हो चुकी है, मेटफारमिन ही अभी उपलब्ध है और डायबिटीज की सबसे अच्छी दवा मानी जाती है।

  • ग्लायकोमेट
  • बिगोमेट
  • ग्लायसीफेज

Glipizide और Metformin को मिला कर कुछ टेबलेट बाजार में उपल्बध है।

ग्लायनेज एम.एफ (Glynase MF), मेटाग्लेज (Metaglez)

Gliclazide और Metformin को मिला कर कुछ टेबलेट बाजार में उपल्बध है। (Glycigon-M)

आजकल ग्लीमीपेराइड, मेटफारमिन एवं पॉयोग्लीटाजॉन या रॉजीग्लीटाजोन को मिलाकर कई दवाइयाँ उपलब्ध हैं।


(C) एकारबोज / वोगलीबॉज / मिगनार:

यह नई दवा अब उपल्बध है। इसके प्रभाव से स्ट्रॉच का विखण्डन रुकता है और इस तरह ऑतो से ग्लुकोज के एवजार्ब होने में देरी होती है।

Glucobay - 50mg / Rebose 50 mg

Volibo (0.2), (0.3)


(D) ग्लीटाजोन्स

Rosiglitazone (Rezult, Enselin 2mg, 4mg, / Pioglitazone (Ploz, Pioglit, Piosafe etc.)8mg)/

इन दवाईयों को इन्सुलीन सेन्सीटाइजर कहा जाता है। इनका असर धीरे-धीरे होता है। शरीर में सूजन हो या हार्ट फेल्यर हो तो इसको लेना खतरनाक होता है।



(E) Repaglinide (रेपीगलीनाइड ) (Novonorm / Eurepa) etc.

"One meal one dose, no meal no dose"

खाने के बाद सुगर बढ़े तो इसे दिया जाता है।


 


(F) अब उपलब्ध है एक नई दवा - सिटाग्लीपटीन ( Citagliptin )

यह नवीनतम दवा है। सन् 2008 में ही यह दवा भारतीय बाजारों में आयी है। यह एक नई किस्म की दवा है। यह डी.डी.पी.-4 इन्जाइम को इन्हीबीट करता है जिससे इनक्रेटीन हारमोन का प्रभाव बढ़ जाता है और इससे इन्सुलीन जैसा इफैक्ट आने लगता है। यह दवा खासकर तब उपयोगी हो जाती है जब अन्य दवाईयाँ नाकाम हो जाती है। अभी इसकी एक गोली की कीमत 42 रुपये है। इस दवा को नई आशा से देखा जा रहा है। यह दवा खासकर उनलोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो इन्सुलीन की सूई लेना नहीं चाहते।